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    गोलासन हनुमान जी मंदिर: गोलासन बालाजी के चमत्कारी दर्शन

    SanchoreBy SanchoreJanuary 25, 2026No Comments3 Mins Read
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    गोलासन हनुमान जी मंदिर, गोलासन:

    राजस्थान-गुजरात सीमा से मात्र 10 किमी दूर और नेशनल हाइवे 68 से 5 किमी अंदर, राजस्थान के सांचौर उपखंड के गोलासन गाँव में स्थित प्राचीन गोलासन हनुमान जी मंदिर (Golasan Hanuman Ji Mandir) सांचौर क्षेत्र ही नहीं आस-पास के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह प्राचीन मंदिर लगभग 700 वर्षों पुराना माना जाता है। हर पूर्णिमा को यहाँ मेला लगता है, जिसमें दूर-दूर से भक्तजन दर्शन के लिए आते हैं। मान्यता है कि यहाँ स्थापित दक्षिणामुखी हनुमान जी की स्वयंभू प्रतिमा अद्वितीय चमत्कारों से युक्त है।

    गोलासन हनुमान जी मंदिर: गोलासन बालाजी के चमत्कारी दर्शन, राजस्थान का प्रसिद्ध हनुमान मंदिर।
    गोलासन हनुमान जी मंदिर: सांचौर में स्थित चमत्कारी हनुमान मंदिर की अद्भुत मूर्ति।

    गोलासन हनुमान जी की दिव्य प्रकट कथा:

    इतिहासकारों और स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार, इस क्षेत्र की गोचर भूमि कभी घने जाल वृक्षों से आच्छादित थी और सुनसान मानी जाती थी। एक दिन एक ग्वाला जोधाराम दहिया अपने पशुओं को चरा रहा था, तभी एक महात्मा वहाँ प्रकट हुए और उसे आदेश दिया कि यदि किसी प्रकार की आवाज़ सुनाई दे तो वह शांत रहना। कुछ समय बाद, जब भूमि से ज़ोरदार वहाँ गर्जना हुई जिससे सभी पशु भयभीत होकर इधर-उधर भागने लगे, तो ग्वाले ने आवाज़ लगा दी। जिससे गर्जना रुक गई। जब वह स्थान देखा गया तो वहाँ हनुमान जी की प्रतिमा प्रकट हो चुकी थी, लेकिन ग्वाले की आवाज़ के कारण प्रतिमा पूरी तरह बाहर नहीं आ सकी और आज भी उनके आधे पैर ज़मीन में समाए हुए हैं।

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    अथाह गहराई वाली चमत्कारी कुई का रहस्य:

    हनुमान जी की प्रतिमा के साथ ही एक “कुई” (गहरा कुआँ) भी प्रकट हुआ, जिसकी गहराई आज तक कोई माप नहीं सका। श्रद्धालु इस कुई में तेल-सिंदूर चढ़ाते हैं, जो कभी भरता नहीं। किवदंतियों के अनुसार, गाँव के लोगों ने पाँच चारपाइयों की रस्सी के आगे पत्थर का टुकड़ा बाँधकर “कुई” के अन्दर डाला, परन्तु इसकी तलहटी तक नहीं पहुँच पाए।

    गोलासन मंदिर का निर्माण:

    वर्ष 1984 में ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर निर्माण शुरू हुआ और 1999 में प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। यह मंदिर न केवल धार्मिक बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मुगलकालीन हमलों को झेलकर भी अक्षुण्ण रहा। यह स्थान ऋषिगिरीनाथजी, हनुमानपुरी जी, गणेशपुरी जी, ओमपुरी जी और पुनमपुरी जी महाराज की तपस्यास्थली रहा हैं एवं यहां पर गुलाबपुरी जी महाराज की जीवित समाधि भी स्थित है। मंदिर के वर्तमान में मठाधीश श्री 1008 पुनमपुरी जी महाराज है।

    गोलासन हनुमान जी के अद्भुत चमत्कार:

    गोलासन बालाजी मंदिर (Golasan Balaji Mandir) से जुड़ी कई चमत्कारी कथाएँ प्रसिद्ध हैं। कहा जाता है कि एक बार एक चोर ने मंदिर का घंटा चुराने का प्रयास किया, लेकिन पूरी रात रास्ता नहीं खोज सका और अंधा हो गया। सुबह जब वह पुनः मंदिर पहुँचा, तो उसने अपनी भूल स्वीकार की और हनुमान जी की कृपा से उसकी दृष्टि लौट आई।

    मंदिर में हर मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना होती है। हर पूर्णिमा, मंगलवार और शनिवार को हज़ारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। हर वर्ष शरद पूर्णिमा पर यहाँ विशाल भजन संध्या आयोजित की जाती है। हनुमानजी की प्रतिमा के बाएँ पैर के नीचे शनि देव की मूर्ति है, जहाँ भक्तजन तेल-सिंदुर अर्पित करते हैं।
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